प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम
2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 (फ़र॰ 2026, Demand No. 68 (Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises), item 8 Prime Minister Employment Generation Programme (PMEGP), BE 2026-27 ₹4500.00 crore; Notes item 8)
नए छोटे उद्यम — खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, मुर्गी पालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन इकाइयों सहित — के लिए बैंक ऋण से जुड़ी सब्सिडी (मार्जिन मनी), परियोजना लागत का 15% से 35% तक।
- मुख्य लाभ
- 35%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 8तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
गाँव में नई इकाई: परियोजना लागत का 25% (अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और अन्य विशेष श्रेणी के लिए 35%), ₹50 लाख तक की लागत पर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
विशेष श्रेणी में ओबीसी, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग, आकांक्षी ज़िले और अधिसूचित पहाड़ी व सीमा क्षेत्र भी आते हैं (पैरा 3.2); कैलकुलेटर इसे केवल अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और पूर्वोत्तर पर लागू करता है, इसलिए अपनी श्रेणी जाँच लें। विनिर्माण (खाद्य प्रसंस्करण विनिर्माण में आता है) में ₹50 लाख तक और सेवा/व्यवसाय में ₹20 लाख तक की परियोजना लागत गिनी जाती है; उससे ऊपर बैंक बिना सब्सिडी ऋण दे सकता है (पैरा 3.2 नोट)। आपका अपना हिस्सा 10% (विशेष श्रेणी के लिए 5%) है। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (पैरा 4.1(ii))। एक परिवार (पति-पत्नी) से एक ही व्यक्ति (पैरा 4.1 नोट)।
“Categories of beneficiaries under PMEGP (for setting up of new enterprises) … Rate of Subsidy (of project cost) … Urban / Rural: General Category 15% 25%; Special Category (including SC,ST,OBC ,Minorities, Women, Ex-Servicemen, Transgenders, Differentlyabled, NER, Aspirational Districts, Hill and Border areas(as notified by the Government) etc. 25% 35%. Note 1) The maximum cost of the project/unit admissible for Margin Money subsidy under Manufacturing sector is Rs. 50 lakhs.”क़स्बे या शहर में नई इकाई: परियोजना लागत का 15% (अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और अन्य विशेष श्रेणी के लिए 25%), ₹50 लाख तक की लागत पर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
विशेष श्रेणी में ओबीसी, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग, आकांक्षी ज़िले और अधिसूचित पहाड़ी व सीमा क्षेत्र भी आते हैं (पैरा 3.2); कैलकुलेटर इसे केवल अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और पूर्वोत्तर पर लागू करता है, इसलिए अपनी श्रेणी जाँच लें। विनिर्माण (खाद्य प्रसंस्करण विनिर्माण में आता है) में ₹50 लाख तक और सेवा/व्यवसाय में ₹20 लाख तक की परियोजना लागत गिनी जाती है; उससे ऊपर बैंक बिना सब्सिडी ऋण दे सकता है (पैरा 3.2 नोट)। आपका अपना हिस्सा 10% (विशेष श्रेणी के लिए 5%) है। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (पैरा 4.1(ii))। एक परिवार (पति-पत्नी) से एक ही व्यक्ति (पैरा 4.1 नोट)।
“Categories of beneficiaries under PMEGP (for setting up of new enterprises) … Rate of Subsidy (of project cost) … Urban / Rural: General Category 15% 25%; Special Category (including SC,ST,OBC ,Minorities, Women, Ex-Servicemen, Transgenders, Differentlyabled, NER, Aspirational Districts, Hill and Border areas(as notified by the Government) etc. 25% 35%. Note 1) The maximum cost of the project/unit admissible for Margin Money subsidy under Manufacturing sector is Rs. 50 lakhs.”मौजूदा पीएमईजीपी, आरईजीपी या मुद्रा इकाई के विस्तार के लिए दूसरा ऋण: परियोजना लागत का 15% (पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में 20%), अधिकतम ₹15 लाख (₹20 लाख)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल तभी जब पहली पीएमईजीपी सब्सिडी 3 साल बाद समायोजित हो चुकी हो, पहला ऋण समय पर चुका हो और इकाई मुनाफ़े में हो (पैरा 4.2)। विनिर्माण में ₹1 करोड़ तक की लागत गिनी जाती है; सेवा/व्यवसाय में ₹25 लाख तक, अधिकतम सब्सिडी ₹3.75 लाख (पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में ₹5 लाख)। आपका अपना हिस्सा 10% है। दिशानिर्देश “पहाड़ी राज्यों” के नाम नहीं देता, इसलिए कैलकुलेटर 20% दर केवल पूर्वोत्तर में देता है।
“2nd Loan for upgradation of existing PMEGP/REGP/MUDRA units … All Categories … 15% (20% in NER and Hill States). Note 1) The maximum cost of the project/unit admissible for Margin Money subsidy under Manufacturing sector for upgradation is Rs. 1.00 crore. Maximum subsidy would be Rs.15 lakh (Rs.20 lakh for NER and Hill States).”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए परियोजना लागत भरें।
विशेष श्रेणी में ओबीसी, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग, आकांक्षी ज़िले और अधिसूचित पहाड़ी व सीमा क्षेत्र भी आते हैं (पैरा 3.2); कैलकुलेटर इसे केवल अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और पूर्वोत्तर पर लागू करता है, इसलिए अपनी श्रेणी जाँच लें। विनिर्माण (खाद्य प्रसंस्करण विनिर्माण में आता है) में ₹50 लाख तक और सेवा/व्यवसाय में ₹20 लाख तक की परियोजना लागत गिनी जाती है; उससे ऊपर बैंक बिना सब्सिडी ऋण दे सकता है (पैरा 3.2 नोट)। आपका अपना हिस्सा 10% (विशेष श्रेणी के लिए 5%) है। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (पैरा 4.1(ii))। एक परिवार (पति-पत्नी) से एक ही व्यक्ति (पैरा 4.1 नोट)।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- कृषि उद्यमी
- भूमिहीन
- काश्तकार या बटाईदार
ज़रूरी काग़ज़
- आधार नंबर (पैरा 11.5)
- जाति प्रमाणपत्र या विशेष श्रेणी प्रमाणपत्र, जहाँ लागू हो (पैरा 11.6)
- ग्रामीण क्षेत्र प्रमाणपत्र (पैरा 11.6)
- परियोजना रिपोर्ट (पैरा 11.6)
- शिक्षा, ईडीपी या कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र — ₹10 लाख (विनिर्माण) या ₹5 लाख (सेवा) से ऊपर की परियोजना के लिए कम से कम आठवीं पास (पैरा 4.1, 11.6)
आवेदन कैसे करें
- पीएमईजीपी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें — काग़ज़ी आवेदन नहीं होता; आधार ज़रूरी है (पैरा 11.2, 11.5)।
- परियोजना रिपोर्ट और प्रमाणपत्र अपलोड करें; केवीआईसी, राज्य खादी बोर्ड या ज़िला उद्योग केंद्र जाँच करके बैंक भेजता है (पैरा 11.6)।
- उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) प्रशिक्षण पूरा करें — ₹5 लाख तक की परियोजना पर 5 दिन, उससे ऊपर 10 दिन; ₹2 लाख तक ज़रूरी नहीं (पैरा 13)।
- ऋण के बाद उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण करें; सब्सिडी 3 साल तक सावधि जमा में रहती है और भौतिक सत्यापन के बाद आपके ऋण में समायोजित होती है (पैरा 4.1(vi), 11.20, 11.23)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
आवेदन पूरे साल ऑनलाइन होते हैं; एजेंसियाँ ज़िलेवार प्रस्ताव भी आमंत्रित करती हैं (पैरा 11.1, 11.2)।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।