HRT-2 कटाई के बाद प्रबंधन, पैकिंग, मूल्य संवर्धन और कोल्ड स्टोरेज बिजली सहायता, गुजरात
चालू होने का आधार: गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 (1 अप्रैल 2026, ઠરાવ: HRT-2 continued from 1-4-2026 to 31-3-2027 with a ₹430.00 crore budget provision for 2026-27)
कटाई के बाद के काम में मदद: कटाई और प्रसंस्करण के औज़ार, क्रेट और तराज़ू, पैकिंग सामग्री, खेत पर ग्रेडिंग-पैकिंग शेड, मूल्य संवर्धन और आसवन इकाई, क्लस्टर स्तर का ढाँचा (₹50 लाख तक, एफ़पीओ को ₹75 लाख), समूहों के लिए गाँव के संग्रह केंद्र और सोलर कोल्ड रूम पर 75%, और कोल्ड स्टोर के सालाना बिजली बिल का एक-चौथाई, पाँच साल तक।
- मुख्य लाभ
- 75%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 16हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
बागवानी उपज के लिए नई आसवन या प्रसंस्करण इकाई (बॉयलर, कटर, ड्रायर, मिक्सर, पल्पर, पैकिंग मशीन…): लागत का 50%, ₹2.50 लाख तक; एफ़पीओ, किसान समूह, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्था को 75%, ₹3.75 लाख तक; एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
इकाई लगाने से पहले पूर्व-निरीक्षण रिपोर्ट और पूरी होने पर संयुक्त निरीक्षण।
“બાગાયતી પાકો માટે ડીસ્ટીલેશન/ પ્રોસેસીંગના નવા યુનિટ ઉભા કરવા માટે સહાયનો કાર્યક્રમ • યુનિટ કોસ્ટ:- રૂ. ૫.૦૦ લાખ/એકમ • ખર્ચના ૫૦ ટકા અથવા રૂ. ૨.૫૦ લાખ બે માંથી જે ઓછુ હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે. • FPO/FARMERS GROUP/ FPC/સ્વ સહાય જુથ/સહકારી સંસ્થાને ૭૫ ટકા અથવા રૂ. ૩.૭૫ લાખ”कटाई के औज़ार: लागत का 25%, ₹50,000 तक (समूहों को 75%, ₹1,50,000 तक), पाँच साल में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
एफ़पीओ, एफ़पीसी, किसान रुचि समूह, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्थाओं को 75%। औज़ार ISO/BIS/ISI या सरकारी प्रमाणित, कंपनी के अधिकृत विक्रेता से, या आयातित। पाँच साल में एक बार।
“કાપણીના સાધનો • યુનિટ કોસ્ટ :- રૂ. ૨.૦૦ લાખ • ખર્ચના ૨૫% કે રૂ. ૫૦૦૦૦/- બે માંથી જે ઓછું હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે. • FPO/FPC/FIG/SHG/ સહકારી સંસ્થાને ૭૫ % કે રૂ.૧,૫૦,૦૦૦/-”प्रसंस्करण के औज़ार: लागत का 25%, ₹1,50,000 तक (समूहों को 75%, ₹4,50,000 तक), पाँच साल में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
एफ़पीओ, एफ़पीसी, किसान रुचि समूह, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्थाओं को 75%। औज़ार ISO/BIS/ISI या सरकारी प्रमाणित, कंपनी के अधिकृत विक्रेता से, या आयातित। पाँच साल में एक बार।
“પ્રોસેસીંગના સાધનો • યુનિટ કોસ્ટ :- રૂ. ૬.૦૦ લાખ • ખર્ચના ૨૫% કે રૂ. ૧,૫૦,૦૦૦/- બે માંથી જે ઓછું હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે. • FPO/FPC/FIG/SHG/ સહકારી સંસ્થાને ૭૫ % કે રૂ.૪,૫૦,૦૦૦/-”पैकिंग सामग्री (कोरुगेटेड या लकड़ी के बक्से): ₹10,000 प्रति हेक्टेयर का 75% (₹7,500), प्रति खाता अधिकतम 1 हेक्टेयर, हर साल एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“બાગાયત પેદાશની પોસ્ટ હાર્વેસ્ટ મેનેજમેન્ટ અંતર્ગત પેકીંગ મટીરીયલ્સમાં સહાય • યુનિટ કોસ્ટ- રૂ. ૧૦૦૦૦/હે. • ખર્ચના ૭૫ ટકા કે રૂ. ૭૫૦૦ પ્રતિ હેક્ટર, બે માંથી જે ઓછુ હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”प्लास्टिक क्रेट और तराज़ू: लागत का 50%, ₹5,000 तक (एफ़पीओ और बागवानी सहकारी संस्था को 75%, ₹7,500 तक), पाँच साल में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
आई-खेडूत पर पंजीकृत कंपनी के मान्य मॉडल।
“પોસ્ટ હાર્વેસ્ટ મેનેજમેન્ટના સાધનો(વજન કાંટા તથા પ્લાસ્ટીક ક્રેટસ) … • યુનિટ કોસ્ટ મહત્તમ રૂ. ૧૦,૦૦૦/- • સામાન્ય ખેડુતને ખર્ચના ૫૦% કે મહત્તમ રૂ.૫૦૦૦/- … • FPO/FPC/FIG/બાગાયતી પાકોની સહકારી મંડળીને ૭૫ % કે મહત્તમ રૂ.૭૫૦૦/-”खेत पर ग्रेडिंग, छँटाई और पैकिंग शेड (कम से कम 50 वर्गमीटर): लागत का 50%, अधिकतम ₹1.50 लाख, जीवन में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल ज़मीन के खातेदार किसान।
“ખેતર પરના ગ્રેડીંગ, શોર્ટીંગ, પેકીંગ એકમ ઉભા કરવા સહાય (A) બાંધકામ (ઓછામાં ઓછું ૫૦ ચો.મીટર કે તેથી વધુ ) … રૂ. ૩.૦૦ લાખ પ્રતિ એકમ ખર્ચને ધ્યાને લઇ મહત્તમ ૫૦ ટકા અથવા મહત્તમ રૂ. ૧.૫૦ લાખ/એકમ”खेत पर शेड के लिए ग्रेडिंग, छँटाई, तौल, धुलाई और पैकिंग उपकरण, क्रेट, बिन और पैलेट: लागत का 50%, अधिकतम ₹50,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल ज़मीन के खातेदार किसान।
“(B) મશીનરી/સાધનો • ગ્રેડીંગ, શોર્ટીંગ, વજન કરવાના, પેકીંગ, વોશીંગ, પ્રાથમિક મૂલ્ય વર્ધન, સંગ્રહ માટે ક્રેટસ તથા બીન્સ/ પેલેટસ વિગેરે ના સાધનો માટે રૂ. ૧.૦૦ લાખ ખર્ચને ધ્યાને લઇ ખર્ચના મહત્તમ ૫૦ ટકા અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૫૦ લાખ”मूल्य संवर्धन इकाई (ग्रेडिंग, छँटाई, पैकिंग, प्रसंस्करण; कम से कम 150 वर्गमीटर) बैंक ऋण से: लागत का 25% पूँजी सब्सिडी, अधिकतम ₹5 लाख (ऋण से जुड़ी, बैक-एंडेड)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
किसान, एफ़पीओ/एफ़पीसी और सहकारी संस्था के लिए; जीवन में एक बार। सभी राज्य व केंद्र योजनाओं से कुल सहायता 50% (पूँजी + ब्याज) से ज़्यादा नहीं; पूँजी और ब्याज मिलाकर अधिकतम ₹10 लाख।
“બાગાયત મૂલ્યવર્ધન એકમ ઉભા કરવા સહાય … જેમાં બાંધકામ તથા આનુષાંગિક સાધનો માટે ખર્ચના ૨૫ ટકા અથવા મહત્તમ રૂ. ૫.૦૦ લાખ/એકમ બે માંથી જે ઓછું હોય તે કેપીટલ સહાય તથા બેન્ક લોન પર વાર્ષિક પાંચ ટકા વ્યાજ સહાય, પાંચ વર્ષ દરમ્યાન, વધુમાં વધુ કુલ રૂ.૫.૦૦ લાખ સુધીની મર્યાદામાં વ્યાજ સહાય”मूल्य संवर्धन इकाई: बैंक ऋण पर पाँच साल तक 5% सालाना ब्याज सहायता, कुल अधिकतम ₹5 लाख, परियोजना पूरी होने के बाद।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
ब्याज सहायता केवल पूँजी सब्सिडी घटाने के बाद बचे मूलधन पर; दंड ब्याज या ब्याज पर ब्याज नहीं; दूसरी राज्य/केंद्र योजना में ब्याज सहायता लेने पर नहीं। ₹5 लाख पाँच साल का कुल है।
“બેન્ક લોન પર વાર્ષિક પાંચ ટકા વ્યાજ સહાય, પાંચ વર્ષ દરમ્યાન, વધુમાં વધુ કુલ રૂ.૫.૦૦ લાખ સુધીની મર્યાદામાં વ્યાજ સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”बाज़ार से जुड़ा क्लस्टर स्तर का कटाई-बाद ढाँचा (ग्रेडिंग, पैकिंग, भंडारण, कोल्ड चेन, प्राथमिक प्रसंस्करण): ₹1 करोड़ तक की लागत का 50% (₹50 लाख) व्यक्ति/निजी संस्था को, 75% (₹75 लाख) एफ़पीओ और सहकारी संस्था को; ऋण से जुड़ा।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
व्यक्ति/निजी संस्था: एक इकाई; एफ़पीओ/सहकारी: दो इकाई तक; जीवन में एक बार। आई-खेडूत पर आवेदन से पहले RBI-मान्य बैंक या NCDC से ऋण मंज़ूर होना चाहिए। 29 जून 2024 के संकल्प ACD/KEF/E-FILE/2/2024/0075/K8 की शर्तें लागू (HRT-2 शर्त 48)।
“બાગાયતી પાકના કલ્સ્ટરોને કાપણી પછીની વ્યવસ્થા અને બજાર સાથે સાંકળવા માળખાકીય સુવિધા પૂરી પાડવા સહાય • એકમ ખર્ચ: મહત્તમ રૂ ૧૦૦.૦૦ લાખ/ એકમ • વ્યક્તિગત/ ખાનગી સંસ્થા ને ૫૦ ટકા મુજબ રૂ. ૫૦.૦૦ લાખ/એકમ … • ફાર્મર પ્રોડ્યુસર ઓર્ગેનાઇઝેશન (FPO/FPC)/ સહકારી સંસ્થાને … ૭૫ ટકા મુજબ રૂ. ૭૫.૦૦ લાખ/એકમ”कोल्ड स्टोरेज (टाइप 1, एक तापमान ज़ोन, 250 टन से बड़े चैंबर): इकाई लागत का अधिकतम 50%, जो 5,000 टन तक ₹8,000 प्रति टन और बड़े स्टोर में प्रति टन कम है, 10,000 टन तक; ऋण से जुड़ा, एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
परियोजना आधारित, ऋण से जुड़ी बैक-एंडेड सब्सिडी; 29 जून 2024 और 6 मई 2025 के संकल्पों की शर्तें लागू (HRT-2 शर्त 51)।
“કોલ્ડ સ્ટોરેજ યુનિટ (પ્રકાર – ૧) … એકમ ખર્ચ : • ૫,૦૦૦ મેટ્રીક ટન સુધી રૂ. ૮,૦૦૦ પ્રતિ મેટ્રીક ટન • ૫,૦૦૧ થી ૬,૫૦૦ મેટ્રીક ટન સુધી રૂ. ૭,૬૦૦ પ્રતિ મેટ્રીક ટન • ૬,૫૦૧ થી ૮,૦૦૦ મેટ્રીક ટન સુધી રૂ. ૭,૨૦૦ પ્રતિ મેટ્રીક ટન • ૮,૦૦૧ થી ૧૦,૦૦૦ મેટ્રીક ટન સુધી રૂ. ૬,૮૦૦ પ્રતિ મેટ્રીક ટન • એકમ ખર્ચના મહત્તમ ૫૦ % સહાય.”गाँव या समूह स्तर का संग्रह केंद्र, प्राथमिक छँटाई, ग्रेडिंग और पैकिंग के साथ: लागत का 75%, ₹15 लाख तक गिनी, सहकारी संस्था, एफ़पीओ/एफ़पीसी, एपीएमसी और पंजीकृत स्वयं सहायता समूह के लिए।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
परियोजना आधारित, बैंक से जुड़ी सब्सिडी; जीवन में एक बार।
“જુથ/ગ્રામ્ય કક્ષાએ કલેકશન એકમ તથા પ્રાથમીક શોર્ટીંગ/ગ્રેડીંગ/પેકીંગ સુવિધા ઉભી કરવા માટે મહત્તમ એકમ ખર્ચ રૂ. ૧૫.૦૦ લાખ સહાય -મહત્તમ એકમ ખર્ચના ૭૫% સહાય.”10 टन तक का सोलर कोल्ड रूम: लागत का 75%, ₹20 लाख तक गिनी, सहकारी संस्था, एफ़पीओ/एफ़पीसी, एपीएमसी और पंजीकृत स्वयं सहायता समूह के लिए।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
परियोजना आधारित, बैंक से जुड़ी सब्सिडी; जीवन में एक बार।
“સોલાર આધારીત કોલ્ડ રૂમ(૧૦ મે. ટન સુધી) ઉભા કરવા માટેની યોજના મહત્તમ એકમ ખર્ચ રૂ. ૨૦.૦૦ લાખ સહાય -મહત્તમ એકમ ખર્ચના ૭૫% સહાય.”संग्रह केंद्र से उपज ढोने का वाहन: लागत का 75%, ₹5 लाख तक गिनी, सहकारी संस्था, एफ़पीओ/एफ़पीसी, एपीएमसी और पंजीकृत स्वयं सहायता समूह के लिए।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
परियोजना आधारित, बैंक से जुड़ी सब्सिडी; जीवन में एक बार।
“માલ-સામાન પરિવહન સુવિધા માટે વાહન મહત્તમ એકમ ખર્ચ રૂ. ૫.૦૦ લાખ સહાય -મહત્તમ એકમ ખર્ચના ૭૫% સહાય.”NHM कोल्ड चेन घटकों में बने सामान्य कोल्ड स्टोर का बिजली बिल: साल के बिल का 25%, अधिकतम ₹2 लाख प्रति वर्ष, पाँच साल तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
एक साल का बिजली बिल भरें; सहायता उसी साल मिलती है।
“વીજદર સહાય નોર્મલ કોલ્ડ સ્ટોરેજમાં વાર્ષિક ખર્ચના ૨૫% મુજબ મહત્તમ રૂ. ૨.૦૦ લાખ સહાય (પાંચ વર્ષ સુધી)”नियंत्रित/संशोधित वातावरण (CA/MA) कोल्ड स्टोर का बिजली बिल: साल के बिल का 25%, अधिकतम ₹3 लाख प्रति वर्ष, पाँच साल तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
एक साल का बिजली बिल भरें; सहायता उसी साल मिलती है।
“જ્યારે CA /MA કોલ્ડ સ્ટોરેજ વાર્ષિક ખર્ચના ૨૫% મુજબ મહત્તમ રૂ. ૩.૦૦ લાખ /એકમ સહાય (પાંચ વર્ષ સુધી).”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए परियोजना लागत भरें।
इकाई लगाने से पहले पूर्व-निरीक्षण रिपोर्ट और पूरी होने पर संयुक्त निरीक्षण।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- आई-खेडूत पर भरी ऑनलाइन अर्ज़ी का प्रिंट; इसे अपने पास रखें (परिशिष्ट-3 (1) और परिशिष्ट-4 (1), पृ.77–78)।
- ख़रीद या किए गए काम के बिल और दूसरे सबूत, जो जाँच के लिए बागवानी अधिकारी को दिखाने हैं (परिशिष्ट-3 (4) और परिशिष्ट-4 (4), पृ.77–78)।
- क्लस्टर स्तर की कटाई-बाद सुविधा के लिए: आरबीआई-मान्य बैंक या एनसीडीसी से ऋण की मंज़ूरी, जो आई-खेडूत पर आवेदन से पहले लेनी है (परिशिष्ट-2(અ) घटक 35 टिप्पणी, पृ.28)।
- केवल दिव्यांग कोटे (5%) में आवेदन करने पर: मान्य दिव्यांगता प्रमाणपत्र (शर्त 76, पृ.6)।
आवेदन कैसे करें
- आई-खेडूत पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें और आवेदन का प्रिंट अपने पास रखें (परिशिष्ट-3 (1), पृ.77)।
- ज़िला कार्यालय काग़ज़ ऑनलाइन जाँचता है और लक्ष्य के भीतर सक्षम स्तर से परियोजना मंज़ूर होती है (परिशिष्ट-4 (2)–(3))।
- समय पर काम पूरा कर बिल जमा करें; संयुक्त जाँच समिति स्थल जाँच करती है (परिशिष्ट-4 (4))।
- सहायता डीबीटी से मिलती है — बैंक ऋण वाली परियोजना में ऋण देने वाले बैंक के सब्सिडी रिज़र्व फ़ंड खाते में (परिशिष्ट-4 (5))।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
HRT-2 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक; साल का लक्ष्य खुला रहने तक आई-खेडूत पर आवेदन।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।