सीएम-किसान (ओडिशा)
बजट में राशि: ओडिशा कृषि बजट भाषण 2026-27 (20 फ़र॰ 2026, Para 25: “an allocation of Rs.2,030 crore has been proposed for 2026–27 (BE) under this flagship scheme”; support reached 51.56 lakh farmers in 2025-26)
पीएम-किसान के ऊपर ओडिशा सरकार की अपनी सहायता: छोटे और सीमांत किसानों व बटाईदारों को ₹4,000 सालाना, और भूमिहीन कृषि परिवारों को आजीविका इकाई के लिए एक बार ₹12,500।
- मुख्य लाभ
- ₹4,000प्रति वर्ष
- घटक
- 2हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 3तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
हर ग्रामीण छोटे या सीमांत किसान परिवार को, बटाईदारों सहित, ₹4,000 सालाना (₹2,000 खरीफ़ से पहले और ₹2,000 रबी से पहले)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
मध्यम और बड़े किसान, आयकरदाता, सरकारी व सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी और पेंशनभोगी, संवैधानिक पदधारी, पंजीकृत पेशेवर, और एक परिवार के एक से ज़्यादा सदस्य बाहर हैं (“Exclusion parameters”, पृ. 2–3)। 2024-25 के दिशानिर्देश में शहरी किसान भी बाहर हैं, पर 2026-27 के बजट भाषण (पैरा 25) के अनुसार योजना अब शहरी किसानों तक भी पहुँचती है — अपने प्रखंड कार्यालय से पुष्टि करें। यह पीएम-किसान के अलावा है।
“financial support to be provided to the eligible rural Small & Marginal Farmers by way of a grant of Rs. 2,000/- per farm family in Kharif& Rabi crop season each totaling to Rs.4000/- per annum.”ग्रामीण भूमिहीन कृषि परिवार को अपनी पसंद की एक आजीविका इकाई शुरू करने के लिए एक बार ₹12,500, तीन किस्तों में।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
उन ग्रामीण भूमिहीन मज़दूरों के लिए जिनकी मुख्य आजीविका खेती है और जो ओडिशा के स्थायी निवासी हैं (“Eligibility criteria”, पृ. 2)। मनरेगा जॉब कार्ड के साथ आवेदन करें।
“Under Livelihood support for Landless Agricultural Households, financial assistance of Rs. 12,500/- to be provided in three installments for enhancing the income and overall wellbeing of rural landless agricultural households.”मुझे कितना मिल सकता है?
आपको मिल सकता है ₹4,000 प्रति वर्ष
₹4,000 प्रति वर्ष, 2 किस्तों में
मध्यम और बड़े किसान, आयकरदाता, सरकारी व सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी और पेंशनभोगी, संवैधानिक पदधारी, पंजीकृत पेशेवर, और एक परिवार के एक से ज़्यादा सदस्य बाहर हैं (“Exclusion parameters”, पृ. 2–3)। 2024-25 के दिशानिर्देश में शहरी किसान भी बाहर हैं, पर 2026-27 के बजट भाषण (पैरा 25) के अनुसार योजना अब शहरी किसानों तक भी पहुँचती है — अपने प्रखंड कार्यालय से पुष्टि करें। यह पीएम-किसान के अलावा है।
कौन आवेदन कर सकता है
- लघु या सीमांत किसान
- काश्तकार या बटाईदार
- भूमिहीन
ज़रूरी काग़ज़
- आधार कार्ड
- खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग का राशन कार्ड
- बचत बैंक पासबुक का पहला पन्ना
- ज़मीन के काग़ज़ (छोटे/सीमांत किसान) या मनरेगा जॉब कार्ड (भूमिहीन परिवार)
आवेदन कैसे करें
- सीएम-किसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें — दिशानिर्देश के अनुसार काग़ज़ी आवेदन नहीं लिया जाता और पोर्टल पूरे साल खुला रहता है (“Forms for application”)।
- अपनी श्रेणी चुनें: छोटे/सीमांत किसान या बटाईदार, या भूमिहीन कृषि परिवार (“Eligibility criteria”)।
- आपके आवेदन की जाँच गाँव के कृषि कर्मी/कृषि ओवरसियर, प्रखंड कृषि अधिकारी और ज़िला कृषि अधिकारी करते हैं, और कलेक्टर मंज़ूरी देते हैं (“Implementation”)।
- ई-केवाईसी और बैंक खाते की आधार सीडिंग (NPCI) पूरी करें — पैसा आधार पेमेंट ब्रिज से सीधे खाते में आता है (“Fund flow mechanism”)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
कोई अंतिम तिथि नहीं — नए आवेदन और शिकायत के लिए पोर्टल पूरे साल खुला रहता है; सहायता हर फ़सल मौसम से पहले दी जाती है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।