कृषि यंत्रSMAM
20–40 पीटीओ एचपी के 2WD ट्रैक्टर की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹3 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
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ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और कस्टम हायरिंग केंद्र।
कृषि यंत्र20–40 पीटीओ एचपी के 2WD ट्रैक्टर की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹3 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
फल, सब्ज़ी और फूलकिसान समूह के स्वामित्व वाले लाइनिंग युक्त सामुदायिक जल टैंक के लिए ₹80 प्रति घन मीटर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में ₹100) का 75%, अधिकतम 30,000 घन मीटर।
कृषि यंत्रचुने गए महिला स्वयं सहायता समूह को ड्रोन पैकेज (सहायक उपकरण और अन्य शुल्क सहित) की लागत का 80%, अधिकतम ₹8 लाख।
बायोमास और जैव-ऊर्जासहकारी समिति, एफ़पीओ, स्वयं सहायता समूह, पंचायत या ग्रामीण उद्यमी के कस्टम हायरिंग केंद्र को हर मशीन की क़ीमत का 80%, उस मशीन की छपी सीमा तक, और पूरे केंद्र के लिए अधिकतम ₹24 लाख।
बायोमास और जैव-ऊर्जाबायोमास संग्रह मशीनों के एक सेट की लागत का 50%, प्रति सेट अधिकतम ₹90 लाख; परियोजना को हर 4 टन प्रतिदिन सीबीजी पर ₹1.8 करोड़, अधिकतम ₹9 करोड़।
फसल और बीजकम से कम 1,000 वर्ग मीटर (0.1 हेक्टेयर) पर श्री विधि (एसआरआई) से धान उगाने पर ₹20,000 प्रति हेक्टेयर (रकबे के अनुपात में)।
पॉलीहाउस और शेड नेटअनुसूचित जाति/जनजाति के छोटे व सीमांत किसानों को एकीकृत खेती, ग्रीनहाउस, शेड नेट हाउस, सोलर ड्रायर, मूल्य संवर्धन मशीन और कृषि मशीनों पर 70% अनुदान (सामान्य दर के ऊपर 20% अतिरिक्त)।
फसल और बीजस्वीकृत परियोजना लागत का 45% राज्य सब्सिडी के रूप में पहले ही, 45% बैंक ऋण; आपको 10% लगाना होता है।
फल, सब्ज़ी और फूलस्वीकृत इकाई लागत का अधिकतम 45% राज्य सब्सिडी के रूप में पहले ही, अधिकतम 45% बैंक ऋण; आपको कम से कम 10% लगाना होता है।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धननए व्यावसायिक कृषि उद्यम की स्थायी पूँजी लागत (ज़मीन छोड़कर) का 40% (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए 50%), प्रति परिवार अधिकतम ₹1 करोड़।
कृषि यंत्रपावर टिलर की कीमत में ₹1,20,000 की छूट।
फसल और बीजजैव उर्वरक, कीटनाशक, कल्चर, हार्मोन और सूक्ष्म पोषक मुफ़्त, ₹5,000 तक।
कृषि यंत्रकेंद्र के ट्रैक्टर और यंत्रों की लागत का 40% (अधिकतम ₹25 लाख की लागत पर), अधिकतम ₹10 लाख, बैंक ऋण के माध्यम से।
कृषि यंत्रकृषि मशीन की क़ीमत का 90%, अधिकतम ₹1 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए।
कृषि यंत्र20 से ऊपर और 60 पीटीओ एचपी तक के ट्रैक्टर की क़ीमत का 25%, अधिकतम ₹1,00,000 — हर खाते पर एक ट्रैक्टर, दस साल में एक बार।
कृषि यंत्रसनेडो (सवारी वाला स्व-चालित बहुउद्देशीय टूल बार): अनुसूचित जाति, जनजाति, लघु, सीमांत और महिला किसानों को क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹75,000।
कृषि यंत्र20 से ऊपर और 60 पीटीओ एचपी तक के ट्रैक्टर की क़ीमत का 25%, अधिकतम ₹1,00,000 — हर खाते पर एक, दस साल में एक बार।
कृषि यंत्रसूची के उपकरण की क़ीमत का 60%, उस उपकरण की छपी अधिकतम सीमा तक (जैसे 2 एचपी से कम इंजन पावर वीडर पर ₹30,000, 2–5 एचपी पर ₹40,000)।
कृषि यंत्रकिसान ड्रोन की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹5,00,000, जीवन में एक बार।
कृषि यंत्रमशीन की क़ीमत का 50%, आदेश में उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा तक (जैसे सुपर सीडर पर ₹1,20,000)।
कृषि यंत्रपंजीकृत किसान समूह, सहकारी सभा, पंचायत या एफ़पीओ के लिए मशीनरी की क़ीमत का 80%, विभाग द्वारा तय सब्सिडी तक।
कृषि यंत्रग्राम हायरिंग केंद्र की लागत का 80%, ₹10 लाख तक गिनकर — अधिकतम ₹8,00,000।
कृषि यंत्रलागत का 75% (अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाएँ, कृषि अभियांत्रिकी स्नातक) या 50% (बाकी), ₹25 लाख इकाई लागत तक गिनकर।
कृषि यंत्रसरकारी ख़र्च पर ड्रोन ऑपरेटर प्रशिक्षण और ड्रोन पायलट लाइसेंस।
डेयरी और पशुपालनबाग़ों-बग़ीचों में अंतरफ़सल के रूप में चारा उगाने पर ₹3,000 प्रति एकड़ (2025-26 की दर)।
कृषि यंत्रमिनी रोटावेटर: लागत का 50%, ₹80,000 तक गिनी (अधिकतम ₹40,000)।
डेयरी और पशुपालन5 HP तक का चाफ़-कटर: ख़रीद क़ीमत का 75%, अधिकतम ₹18,000 — पाँच साल में एक बार।
फल, सब्ज़ी और फूलकटाई के औज़ार: लागत का 50%, ₹2,00,000 तक गिनी जाती है — अधिकतम ₹1,00,000, पाँच साल में एक बार।
इस काम के लिए कोई चालू योजना जितना सबसे बड़ा हिस्सा देती है, आवेदक के हिसाब से। राशि फिर भी हर योजना की लागत-सीमा तक।
20–40 पीटीओ एचपी के 2WD ट्रैक्टर की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹3 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद सब्सिडी डीबीटी से मिलती है (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“(iii) Tractor 2WD (above 20 PTO HP and up to 40 PTO HP) — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs) 3.00, Pattern of Assistance 50%”20–40 पीटीओ एचपी के 2WD ट्रैक्टर की क़ीमत का 40%, अधिकतम ₹2.4 लाख, अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु या सीमांत, या महिला नहीं हैं। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद सब्सिडी डीबीटी से मिलती है (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“(iii) Tractor 2WD (above 20 PTO HP and up to 40 PTO HP) — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs) 2.4, Pattern of Assistance 40%”8–11 बीएचपी के पावर टिलर की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹1 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद सब्सिडी डीबीटी से मिलती है (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“(i) Power Tiller (8 BHP and up to 11 BHP) — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs) 1.00, Pattern of Assistance 50%”8–11 बीएचपी के पावर टिलर की क़ीमत का 40%, अधिकतम ₹80,000, अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु या सीमांत, या महिला नहीं हैं। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद सब्सिडी डीबीटी से मिलती है (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“(i) Power Tiller (8 BHP and up to 11 BHP) — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs) 0.80, Pattern of Assistance 40%”कस्टम हायरिंग केंद्र की लागत का 40%, अधिकतम ₹250 लाख की परियोजना लागत पर।
यह ऋण से जुड़ी बैक-एंडेड सब्सिडी है (अनुलग्नक-II); राज्य ₹10 लाख तक की परियोजनाओं को ऋण की शर्त से छूट दे सकता है, पर तब सारा भुगतान बैंक खाते से होना चाहिए। ₹50 लाख से बड़ी परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट चाहिए, और एफएमटीटीआई से प्रशिक्षण अनिवार्य है।
“4.2 Establishment of Custom Hiring Centres (CHCs) (i) Financial assistance @ 40% of the project cost for the projects costing up to Rs. 250 lakhs (ii) The maximum permissible assistance per machine under the project will be the maximum permissible assistance indicated against 40% in Annexure-I”कृषि ट्रैक्टर — डीज़ल और बिजली (बैटरी) वाले: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹2,00,000 से ₹6,50,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Agricultural Tractors - Diesel & Electric (Battery Powered) — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”कृषि ट्रैक्टर — डीज़ल और बिजली (बैटरी) वाले: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹1,60,000 से ₹5,20,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Agricultural Tractors - Diesel & Electric (Battery Powered) — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”पावर टिलर: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹1,00,000 से ₹1,20,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Power Tillers — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”पावर टिलर: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹80,000 से ₹1,00,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Power Tillers — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”कंबाइन हार्वेस्टर: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹3,60,000 से ₹50,00,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Combine Harvesters — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”कंबाइन हार्वेस्टर: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹2,88,000 से ₹40,00,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Combine Harvesters — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”धान रोपाई मशीन (राइस ट्रांसप्लांटर): क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹1,70,000 से ₹8,60,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Rice/Paddy Transplanter — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”धान रोपाई मशीन (राइस ट्रांसप्लांटर): क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹1,36,000 से ₹6,88,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Rice/Paddy Transplanter — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”स्वचालित कृषि/बागवानी मशीनें: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹2,000 से ₹15,00,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Self-Propelled Machinery Agricultural/Horticultural Machinery — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”स्वचालित कृषि/बागवानी मशीनें: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹1,600 से ₹12,00,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Self-Propelled Machinery Agricultural/Horticultural Machinery — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”ट्रैक्टर/पावर टिलर (20 बीएचपी से कम) से चलने वाले यंत्र: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹10,000 से ₹1,20,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Tractor/Power Tiller (below 20 BHP) driven equipments — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”ट्रैक्टर/पावर टिलर (20 बीएचपी से कम) से चलने वाले यंत्र: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹8,000 से ₹96,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Tractor/Power Tiller (below 20 BHP) driven equipments — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”ट्रैक्टर (20 से 35 बीएचपी) से चलने वाले यंत्र: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹8,000 से ₹2,40,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Tractor (above 20- 35 BHP) driven equipments — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”ट्रैक्टर (20 से 35 बीएचपी) से चलने वाले यंत्र: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹6,400 से ₹1,92,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Tractor (above 20- 35 BHP) driven equipments — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”ट्रैक्टर (35 बीएचपी से अधिक) से चलने वाले यंत्र: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹17,500 से ₹17,00,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Tractor (above 35 BHP) driven equipments — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”ट्रैक्टर (35 बीएचपी से अधिक) से चलने वाले यंत्र: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹14,000 से ₹13,60,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Tractor (above 35 BHP) driven equipments — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”हाथ/पशु से चलने वाले कृषि यंत्र और औज़ार; स्वचालित/बिजली वाली बागवानी मशीनें; हाथ से चलने वाले बागवानी उपकरण: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹1,200 से ₹45,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — All Manual /Animal drawn Agri. equipment/implements/Tools; Self propelled/other power driven horticultural machinery; Manual Horticultural equipments — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”हाथ/पशु से चलने वाले कृषि यंत्र और औज़ार; स्वचालित/बिजली वाली बागवानी मशीनें; हाथ से चलने वाले बागवानी उपकरण: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹1,000 से ₹36,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — All Manual /Animal drawn Agri. equipment/implements/Tools; Self propelled/other power driven horticultural machinery; Manual Horticultural equipments — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”अन्य कृषि, बागवानी और वानिकी मशीनें (स्थिर, पोर्टेबल और चलती-फिरती) — प्रसंस्करण और कटाई-उपरांत मशीनें: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹6,000 से ₹15,00,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Other farm type agricultural, horticultural, forestry machineries fitted with mechanical, electrical thermal, electric battery equipment – All types Stationary, portable and mobile — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”अन्य कृषि, बागवानी और वानिकी मशीनें (स्थिर, पोर्टेबल और चलती-फिरती) — प्रसंस्करण और कटाई-उपरांत मशीनें: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹4,800 से ₹12,00,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Other farm type agricultural, horticultural, forestry machineries fitted with mechanical, electrical thermal, electric battery equipment – All types Stationary, portable and mobile — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”पौध संरक्षण उपकरण (स्प्रेयर आदि): क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹1,000 से ₹4,00,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Plant Protection Equipments — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”पौध संरक्षण उपकरण (स्प्रेयर आदि): क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹800 से ₹3,20,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Plant Protection Equipments — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”विशेष कृषि मशीनें; सिंचाई उपकरण: क़ीमत का 50%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹3,600 से ₹6,00,000), अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Annexure-I — Specialized Agricultural Machinery; Irrigation Equipments — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs), Pattern of Assistance 50%”विशेष कृषि मशीनें; सिंचाई उपकरण: क़ीमत का 40%, आपकी मशीन के लिए छपी सीमा तक (₹2,900 से ₹4,80,000), अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत या महिला नहीं हैं। सब्सिडी राज्य की सूचीकरण (एम्पैनलमेंट) प्रक्रिया से तय मशीन क़ीमत का प्रतिशत या उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा, जो कम हो, होती है; सीमा में जीएसटी शामिल है (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। * वाली मशीनें (जैसे 40 एचपी से बड़े ट्रैक्टर, कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर) कस्टम हायरिंग केंद्रों और फ़ार्म मशीनरी बैंकों के ज़रिये बढ़ाई जानी हैं, और राज्य व्यक्तिगत ख़रीद को अपने मशीन बजट के 25% तक सीमित कर सकता है (धारा 4.1(a)(iii))। राज्य इन श्रेणियों में नई मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी)। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद डीबीटी से भुगतान (धारा 6(ii))।
“Annexure-I — Specialized Agricultural Machinery; Irrigation Equipments — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs), Pattern of Assistance 40%”किसान ड्रोन की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।
राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद सब्सिडी डीबीटी से मिलती है (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Kisan Drone — For SC, ST, Small & Marginal farmers, Women and NE States beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs in Lakhs) 5.00, Pattern of Assistance 50%”किसान ड्रोन की क़ीमत का 40%, अधिकतम ₹4 लाख, अन्य किसानों के लिए।
उन किसानों के लिए जो अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु या सीमांत, या महिला नहीं हैं। राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीद के बाद सब्सिडी डीबीटी से मिलती है (धारा 6(ii))। पूर्वोत्तर राज्यों के किसान भी 50% वाले कॉलम में हैं, और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.25 लाख तक की मशीन पर 100% सहायता हो सकती है (धारा 4.4) — दस्तावेज़ राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया; अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
“Kisan Drone — For other beneficiary: Maximum Permissible subsidy per Machine/ Equipment per beneficiary (Rs. in Lakhs) 4.00, Pattern of Assistance 40%”किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग केंद्र खोलने वाले कृषि स्नातक को ड्रोन और उसके उपकरणों की लागत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख।
केवल कृषि स्नातकों के लिए। दसवीं पास होना और प्रशिक्षित ड्रोन पायलट होना ज़रूरी है (धारा 4.2, शर्त (vii)); ड्रोन नमो ड्रोन दीदी दिशानिर्देशों के पैकेज, विनिर्देश और पायलट प्रशिक्षण के अनुसार मिलता है (टिप्पणी 2, पृ. 18)। एफएमटीटीआई या किसी प्रतिष्ठित संस्थान से सीएचसी प्रशिक्षण अनिवार्य है (शर्त (ix))।
“(i) Financial assistance to the agriculture graduate for establishment of Kisan Drone CHCs will be @ 50% of the basic cost of agricultural drone and its attachments or Rs. 5.00 lakhs, whichever is less.”स्वयं सहायता समूह फ़ेडरेशन, एफपीओ, पैक्स या सहकारी समिति द्वारा गाँव में फ़ार्म मशीनरी बैंक बनाने पर लागत का 80%, प्रति परियोजना अधिकतम ₹24 लाख।
एक बैंक में एक से अधिक ट्रैक्टर नहीं (शर्त (ii))। ₹10 लाख से अधिक लागत वाले बैंक ऋण से जुड़ी बैक-एंडेड सब्सिडी पर बनते हैं (अनुलग्नक-II)। वन अधिकार अधिनियम पट्टाधारकों के एसएचजी और एफपीओ को 90% (अधिकतम ₹27 लाख), और पूर्वोत्तर क्षेत्र में 95% (अधिकतम ₹28.50 लाख) मिलता है (धारा 4.3(ii), 4.4(ii)–(iii)) — एसएमएएम पूर्वोत्तर राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हमने इसे आपके राज्य से लागू नहीं किया।
“4.3 Establishing Village Level Farm Machinery Banks (FMBs) (i) Financial assistance @ 80% of the project cost for the projects costing up to Rs. 30.00 lakhs/project. … (iii) The beneficiaries may take up the projects costing more than Rs. 30 lakhs. In such cases, the maximum permissible financial assistance will be restricted to Rs. 24 lakhs/project.”कम यंत्रीकरण वाले क्षेत्रों के लघु और सीमांत किसानों को कस्टम हायरिंग केंद्र या महिला स्वयं सहायता समूह से ड्रोन किराए पर लेने के लिए ₹2,000 प्रति हेक्टेयर, साल में अधिकतम 2 हेक्टेयर तक।
केवल राज्य द्वारा चुने गए कम यंत्रीकरण वाले क्षेत्रों में, और केवल आपकी अपनी ज़मीन के अनुपात में। ड्रोन से छिड़काव वाला क्षेत्र भू-संदर्भित होता है और पैसा डीबीटी से आता है; राज्य ड्रोन सेवा देने वाले सीएचसी और महिला एसएचजी से एमओयू करता है (धारा 4.5, शर्तें (i)–(ii))।
“4.5 Financial Assistance for Mechanized operations (i) The financial assistance to the small and marginal farmers of low mechanized regions will be provided @ 2000/ha for hiring of Drones from the Custom Hiring Centres, Women SHGs. (ii) This assistance will be available up to 2 ha land in a year. The amount of assistance will be proportionate to the actual land owned by the farmers.”राज्य द्वारा चुने गए आदर्श यंत्रीकरण गाँवों में लघु और सीमांत किसान सरकारी मशीनें मुफ़्त या बहुत कम किराए पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
मशीनें राज्य के कृषि/कृषि अभियांत्रिकी विभाग की रहती हैं और कमीशन पर निजी साझेदार चला सकता है (धारा 4.6(iii)–(iv))। अपने ब्लॉक कृषि कार्यालय से पूछें कि क्या आपका गाँव चुना गया है।
“4.6 Model Villages of Farm Mechanization … (ii) The State Governments shall purchase the crop specific machines and these machines shall be made available for use by small and marginal farmers in those identified villages at very low rental rates or free of cost.”किसानों के खेतों पर नई मशीनों या किसान ड्रोन का प्रदर्शन करने वाले एफपीओ को मशीनों की लागत का 75% अनुदान।
यह केंद्रीय घटक है, मंत्रालय मंज़ूरी देता है: राज्य के एफपीओ प्रस्ताव राज्य कृषि/कृषि अभियांत्रिकी विभाग के ज़रिये भेजते हैं (5.1, शर्त (vi))। प्रदर्शन के लिए ₹3,000 प्रति हेक्टेयर आकस्मिक व्यय भी मिलता है (5.1(iv)); सीमा से ऊपर का ख़र्च एफपीओ उठाता है (5.1(v))। बाद में मशीनें किसानों को किराए पर दी जा सकती हैं।
“5.1 Demonstration of newly developed agricultural/ horticultural/ crop residue management machines post-harvest technologies and Kisan Drones at farmers’ fields. … (ii) The FPOs will be provided grants @ 75% of the cost of machines including the kisan Drones.”नई कृषि मशीन बनाने वाले व्यक्तिगत नवप्रवर्तक को ₹5 लाख तक की परियोजना की लागत का अधिकतम 90% — विचार, प्रोटोटाइप या मॉडल सत्यापन के लिए।
“अधिकतम 90%” — समिति कम भी दे सकती है। प्रस्ताव राज्य सरकार, आईसीएआर संस्थान या एफएमटीटीआई के ज़रिये भेजें; यंत्रीकरण एवं प्रौद्योगिकी प्रभाग की समिति इसकी जाँच करती है (5.4, शर्तें (i), (iv))।
“5.4 Promotion of Grassroots Innovations in Agricultural Mechanization … (ii) Under Phase-1: -For projects with a cost of up to ₹5 lakh, a maximum of 90% of the total project cost will be provided for concept/ prototype/ model validation etc.”चरण-2 में नवप्रवर्तक को ₹5 लाख से ₹35 लाख की परियोजना की लागत का अधिकतम 90% — कार्यशील मॉडल, खेत पर परीक्षण, पेटेंट और तकनीक हस्तांतरण के लिए।
“अधिकतम 90%” — समिति कम भी दे सकती है। ₹35 लाख से बड़ी परियोजनाओं के लिए दिशानिर्देश कोई राशि नहीं छापता, इसलिए हम अधिकतम ₹35 लाख गिनते हैं।
“5.4 (iii) Under Phase-2:-For projects costing ₹5 lakh to ₹35 lakh, a maximum of 90% of the total project cost will be provided for development of working models/process documentation/testing & trials at the farmer’s field /patenting/ technology transfer etc.”प्रदर्शन के लिए नई बागवानी मशीन के आयात की लागत का 50%, एफपीओ और किसान समूहों के लिए, अधिकतम ₹100 लाख की लागत पर।
अन्य बागवानी मशीनें (ट्रैक्टर, पावर टिलर, स्प्रेयर) "एसएमएएम मानकों के अनुसार" मिलती हैं — एसएमएएम देखें। एमआईडीएच में अकेली मशीन की अनुमति नहीं है।
“iv) Import of new machines &tools for horticulture for demonstration purpose Upto a maximum of Rs. 100.00 lakh per unit Assistance @ 100% of the total cost only to public sector and 50% for private sector for Farmers group/FPOs/FIGs”चुने गए महिला स्वयं सहायता समूह को ड्रोन पैकेज (सहायक उपकरण और अन्य शुल्क सहित) की लागत का 80%, अधिकतम ₹8 लाख।
केवल डीएवाई-एनआरएलएम के तहत बने महिला स्वयं सहायता समूह और उनके क्लस्टर स्तरीय संघ शामिल हैं (धारा 2.1(b))। लीड उर्वरक कंपनी के साथ समझौते (एमओयू) के तहत ड्रोन समूह के पास रहता है (धारा 3.1(ix))।
“6.0 Pattern of Financial Assistance (a) Central Financial Assistance @ 80% of the cost of drone package up to a maximum of Rs. 8.00 lakhs will be provided to the women SHGs for purchase of drones including accessories/ancillary charges as indicated in Annexure-II.”किसानों के खेत में रोपाई करने वाले धान ट्रांसप्लांटर मालिकों को नर्सरी ट्रे, शीट, छलनी और स्पेसर की लागत का 50%, ₹1,00,000 तक।
मालिक को हर साल कम से कम 10 हेक्टेयर में सरकार की तय दर पर रोपाई करने का वचन देना होगा (धारा 4)।
“Owners of transplanters taking up paddy transplanting as a package on farmers fields including raising of mat nursery shall be provided 50% subsidy limited to Rs. 1.00 lakh on purchase of trays/silpaulin sheets/sieves/wooden or metallic spacers for nursery blocks on silpaulin sheets etc.”स्वीकृत परियोजना लागत का 45% राज्य सब्सिडी के रूप में पहले ही, 45% बैंक ऋण; आपको 10% लगाना होता है।
45:45:10 का ढाँचा दोनों कार्यक्रमों के लिए बागवानी विभाग के दिशानिर्देशों (पैरा 2) और 1 जनवरी 2026 के तवांग ज़िला पृष्ठ पर छपा है। आत्मनिर्भर कृषि योजना के अपने दिशानिर्देश agri.arunachal.gov.in पर जुड़े हैं पर फ़ाइल “नहीं मिली” दिखाती है, इसलिए इकाई लागत और ज़मीन की सीमा यहाँ नहीं दी गई। राज्य के दिशानिर्देशों का आवेदन फ़ॉर्म अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र माँगता है।
“The programme has two components. The activities relating to Agriculture Sector was named as ‘Atma Nirbhar Krishi Yojana’ (ANKY) and the activities relating to Horticulture sector was named as ‘Atma Nirbhar Bagwani Yojana’ (ANBY). The main features of the two programmes were that: (i) The schemes will be Credit-linked - 45 %. (ii) The schemes will be with front-end subsidy - 45 %. (iii) The scheme will have farmers’ contribution - 10 %.”पावर टिलर की कीमत में ₹1,20,000 की छूट।
स्थिति अज्ञात: एफ़एक्यू पर कोई तारीख़ नहीं है और इस योजना की चालू वर्ष की कोई सूचना हमें नहीं मिली। ख़रीदने से पहले ज़िला कृषि अधिकारी से पूछ लें।
“The Scheme provides ₹ 1,20,000/- assistance/subsidy on the total cost of the Power Tiller.”स्प्रेयर पंप, भंडारण बिन और दूसरे उपकरणों की आधी लागत, ₹5,000 तक।
केवल दमण और दीव ज़िले (यह आदेश 2020 में दादरा और नगर हवेली के साथ विलय से पहले का है)। ज़िला पंचायत (क्रम 1–7) और ग्राम पंचायतें (जैविक खाद) चलाती हैं। दमण ज़िला पंचायत के सितंबर 2023 के परिपत्र में 2023-24 के लिए यही दरें दी गई थीं (फ़ॉर्म 25.09.2023 तक, ज़मीन के 1/14 और आधार के साथ, पहले आओ पहले पाओ); 2025-26 या 2026-27 की कोई सूचना नहीं मिली।
“Distribution of Agricultural implements, equipments sprayer pumps, storage bin and other inputs — 50% cost limited to Rs.5000/-.”कृषि मशीन की आधी लागत, ₹25,000 तक।
केवल दमण और दीव ज़िले (यह आदेश 2020 में दादरा और नगर हवेली के साथ विलय से पहले का है)। ज़िला पंचायत (क्रम 1–7) और ग्राम पंचायतें (जैविक खाद) चलाती हैं। दमण ज़िला पंचायत के सितंबर 2023 के परिपत्र में 2023-24 के लिए यही दरें दी गई थीं (फ़ॉर्म 25.09.2023 तक, ज़मीन के 1/14 और आधार के साथ, पहले आओ पहले पाओ); 2025-26 या 2026-27 की कोई सूचना नहीं मिली।
“Distribution of Agricultural machinery — 50% cost limited to Rs.25,000/-.”केंद्र के ट्रैक्टर और यंत्रों की लागत का 40% (अधिकतम ₹25 लाख की लागत पर), अधिकतम ₹10 लाख, बैंक ऋण के माध्यम से।
केंद्र की लागत ₹10 लाख से अधिक और ₹25 लाख तक होनी चाहिए (शर्त 5), बैंक ऋण से (शर्त 6) अपने ही गाँव में, एक गाँव और एक परिवार/एफ.पी.ओ. को एक ही केंद्र (शर्त 1, 12–13)। व्यक्तिगत आवेदक की उम्र 1 अगस्त 2026 को 18 से 40 वर्ष और कम से कम 12वीं पास होना ज़रूरी है (शर्त 8–9)। ऋण अधिकतम 9 वर्ष में चुकाना है, 4 वर्ष का लॉक-इन है (शर्त 20–21)। इसके साथ कृषि अवसंरचना निधि का 3% ब्याज अनुदान भी लिया जा सकता है (शर्त 11)।
“प्रत्येक कृषि यंत्र किराए की दुकान (CHC) हेतु आवश्यक ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रों से संबंधित कृषि मशीनों के क्रय की लागत (अधिकतम राशि रू. 25.00 लाख) पर आवेदकों (सामान्य, अ.जा. एवं अ.ज.जा. एवं एफ.पी.ओ.) को 40 प्रतिशत अधिकतम रू. 10 लाख तक का "क्रेडिट लिंक्ड बैंक एन्डेड सबसिडी (Credit Linked Back Ended Subsidy)" अनुदान दिया जायेगा।”कृषि मशीन की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹1 लाख।
2025-26 में ट्रैक्टर, पावर टिलर, ज़मीन तैयार करने, बुवाई और निराई के औज़ार, स्प्रेयर, कटाई-गहाई मशीनें, कचरा प्रबंधन उपकरण और डीज़ल पंप सेट शामिल हैं (भाग ಅ)। ख़रीदने से पहले आवेदन करके विभाग की पूर्व-स्वीकृति लेनी ज़रूरी है — बिना स्वीकृति ख़रीदी मशीन पर सब्सिडी नहीं मिलती (शुरुआती पैरा)। केवल 01.04.2025 के बाद सूचीबद्ध कंपनियों से ख़रीदी मशीनों पर भुगतान होता है (मार्गदर्शिका A.2, A.4)। अगर अनुसूचित जाति/जनजाति की राशि कम पड़ने पर ऐसे किसान को सामान्य कोटे से मशीन दी जाए, तो केवल सामान्य वाला 50% मिलता है (छपा पृष्ठ 11, क्रम 9)।
““ಕೃಷಿ ಯಾಂತ್ರೀಕರಣ ಯೋಜನೆಯಡಿ” ಕೃಷಿ ಯಂತ್ರೋಪಕರಣಗಳಿಗೆ ಸಾಮಾನ್ಯ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.50 ರಷ್ಟು ಸಹಾಯಧನ ಹಾಗೂ ಪರಿಶಿಷ್ಟ ಜಾತಿ /ಪಂಗಡದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.90 ರಷ್ಟು ಸಹಾಯಧನವನ್ನು ಗರಿಷ್ಠ ಮಿತಿ ರೂ.1.00 ಲಕ್ಷದವರೆಗೆ ಮಿತಿಗೊಳಿಸಲಾಗಿದೆ.”कृषि मशीन की क़ीमत का 90%, अधिकतम ₹1 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए।
2025-26 में ट्रैक्टर, पावर टिलर, ज़मीन तैयार करने, बुवाई और निराई के औज़ार, स्प्रेयर, कटाई-गहाई मशीनें, कचरा प्रबंधन उपकरण और डीज़ल पंप सेट शामिल हैं (भाग ಅ)। ख़रीदने से पहले आवेदन करके विभाग की पूर्व-स्वीकृति लेनी ज़रूरी है — बिना स्वीकृति ख़रीदी मशीन पर सब्सिडी नहीं मिलती (शुरुआती पैरा)। केवल 01.04.2025 के बाद सूचीबद्ध कंपनियों से ख़रीदी मशीनों पर भुगतान होता है (मार्गदर्शिका A.2, A.4)। अगर अनुसूचित जाति/जनजाति की राशि कम पड़ने पर ऐसे किसान को सामान्य कोटे से मशीन दी जाए, तो केवल सामान्य वाला 50% मिलता है (छपा पृष्ठ 11, क्रम 9)।
““ಕೃಷಿ ಯಾಂತ್ರೀಕರಣ ಯೋಜನೆಯಡಿ” ಕೃಷಿ ಯಂತ್ರೋಪಕರಣಗಳಿಗೆ ಸಾಮಾನ್ಯ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.50 ರಷ್ಟು ಸಹಾಯಧನ ಹಾಗೂ ಪರಿಶಿಷ್ಟ ಜಾತಿ /ಪಂಗಡದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.90 ರಷ್ಟು ಸಹಾಯಧನವನ್ನು ಗರಿಷ್ಠ ಮಿತಿ ರೂ.1.00 ಲಕ್ಷದವರೆಗೆ ಮಿತಿಗೊಳಿಸಲಾಗಿದೆ.”45 पीटीओ एचपी तक के ट्रैक्टर की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹75,000।
2025-26 में ट्रैक्टर, पावर टिलर, ज़मीन तैयार करने, बुवाई और निराई के औज़ार, स्प्रेयर, कटाई-गहाई मशीनें, कचरा प्रबंधन उपकरण और डीज़ल पंप सेट शामिल हैं (भाग ಅ)। ख़रीदने से पहले आवेदन करके विभाग की पूर्व-स्वीकृति लेनी ज़रूरी है — बिना स्वीकृति ख़रीदी मशीन पर सब्सिडी नहीं मिलती (शुरुआती पैरा)। केवल 01.04.2025 के बाद सूचीबद्ध कंपनियों से ख़रीदी मशीनों पर भुगतान होता है (मार्गदर्शिका A.2, A.4)। अगर अनुसूचित जाति/जनजाति की राशि कम पड़ने पर ऐसे किसान को सामान्य कोटे से मशीन दी जाए, तो केवल सामान्य वाला 50% मिलता है (छपा पृष्ठ 11, क्रम 9)।
“45 ಪಿ.ಟಿ.ಒ ಹೆಚ್.ಪಿ ಯವರೆಗೆ ಟ್ರಾಕ್ಟರ್ ಗಳಿಗೆ ಸಾಮಾನ್ಯ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.50ರಷ್ಟು ಸಹಾಯಧನ ಗರಿಷ್ಠ ರೂ.0.75 ಲಕ್ಷ ಹಾಗು ಪರಿಶಿಷ್ಟ ಜಾತಿ /ಪಂಗಡದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.90 ಗರಿಷ್ಠ ರೂ.3.00 ಲಕ್ಷ ಸಹಾಯಧನವನ್ನು ನೀಡಲಾಗುವುದು.”45 पीटीओ एचपी तक के ट्रैक्टर की क़ीमत का 90%, अधिकतम ₹3 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए।
2025-26 में ट्रैक्टर, पावर टिलर, ज़मीन तैयार करने, बुवाई और निराई के औज़ार, स्प्रेयर, कटाई-गहाई मशीनें, कचरा प्रबंधन उपकरण और डीज़ल पंप सेट शामिल हैं (भाग ಅ)। ख़रीदने से पहले आवेदन करके विभाग की पूर्व-स्वीकृति लेनी ज़रूरी है — बिना स्वीकृति ख़रीदी मशीन पर सब्सिडी नहीं मिलती (शुरुआती पैरा)। केवल 01.04.2025 के बाद सूचीबद्ध कंपनियों से ख़रीदी मशीनों पर भुगतान होता है (मार्गदर्शिका A.2, A.4)। अगर अनुसूचित जाति/जनजाति की राशि कम पड़ने पर ऐसे किसान को सामान्य कोटे से मशीन दी जाए, तो केवल सामान्य वाला 50% मिलता है (छपा पृष्ठ 11, क्रम 9)।
“45 ಪಿ.ಟಿ.ಒ ಹೆಚ್.ಪಿ ಯವರೆಗೆ ಟ್ರಾಕ್ಟರ್ ಗಳಿಗೆ ಸಾಮಾನ್ಯ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.50ರಷ್ಟು ಸಹಾಯಧನ ಗರಿಷ್ಠ ರೂ.0.75 ಲಕ್ಷ ಹಾಗು ಪರಿಶಿಷ್ಟ ಜಾತಿ /ಪಂಗಡದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.90 ಗರಿಷ್ಠ ರೂ.3.00 ಲಕ್ಷ ಸಹಾಯಧನವನ್ನು ನೀಡಲಾಗುವುದು.”20 से ऊपर और 60 पीटीओ एचपी तक के ट्रैक्टर की क़ीमत का 25%, अधिकतम ₹1,00,000 — हर खाते पर एक ट्रैक्टर, दस साल में एक बार।
एक खाते (खाता) पर केवल एक किसान को मिलता है, और कई खातों वाला किसान एक ही खाते पर ले सकता है (परिशिष्ट-1, (4))। दोबारा लाभ दस साल बाद ही (परिशिष्ट-2, कॉलम 5)। मॉडल FMTTI से परीक्षित सूची में और आई-खेडूत पर होना चाहिए (परिशिष्ट-1, (13), (14))।
“ટ્રેકટર — ૨૦ પી.ટી.ઓ હોર્સ પાવરથી વધુ અને ૬૦ પી.ટી.ઓ હોર્સ પાવર સુધીના મોડેલ માટે ખર્ચના ૨૫% અથવા રૂ.૧,૦૦,૦૦૦/- ની મર્યાદામાં બે માંથી જે ઓછુ હોય તે સરકાર માન્ય મોડેલ.(ખાતા દીઠ વધુમાં વધુ એક માટે)”लघु, सीमांत, महिला, अनुसूचित जाति और जनजाति किसान: 600–1,500 किलो भार क्षमता वाले चार पहिया मालवाहक वाहन की क़ीमत का 35%, अधिकतम ₹75,000।
10 साल में एक बार (परिशिष्ट-1, कॉलम 5)। केवल नया बीएस-मानक वाहन जो केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में पंजीकृत हो; 2 साल तक बेचा नहीं जा सकता, केवल कृषि उपज ढोने के लिए, सवारी के लिए नहीं, और उस पर “ખેતીવાડી ખાતાની કિસાન પરિવહન યોજનાના સહયોગથી” लिखवाना होगा (पात्रता 4–6; अमल पद्धति (4))।
“મીડીયમ સાઇઝના ગુડ્ઝ કેરેજ વાહન (ચાર પૈડા વાળા અને ૬૦૦ કિ.ગ્રા. થી ૧૫૦૦ કિ.ગ્રા. સુધીની ભાર વહન ક્ષમતા ધરાવતા વાહન) ખરીદવા માટે નાના/સિમાંત/મહિલા/અનુ.જાતિ/અનુ.જનજાતિના ખેડૂતોને કુલ ખર્ચના ૩૫% અથવા રૂ.૭૫,૦૦૦/- બે માંથી ઓછુ હોય તે”अन्य (सामान्य) किसान: मालवाहक वाहन की क़ीमत का 25%, अधिकतम ₹50,000।
उन किसानों के लिए जो लघु, सीमांत, महिला, अनुसूचित जाति या जनजाति में नहीं आते। 10 साल में एक बार; वाहन की शर्तें ऊपर जैसी।
“સામાન્ય/અન્ય ખેડૂતોને કુલ ખર્ચના ૨૫% અથવા રૂ.૫૦,૦૦૦/- બે માંથી ઓછુ હોય તે”सनेडो (सवारी वाला स्व-चालित बहुउद्देशीय टूल बार): अनुसूचित जाति, जनजाति, लघु, सीमांत और महिला किसानों को क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹75,000।
केवल भारत सरकार के FMTTI केंद्र से परीक्षित और आई-खेडूत पर दिखाया गया मॉडल मान्य। 7 साल में एक बार (परिशिष्ट-1, पंक्ति 2, कॉलम 4–5)।
“રાજ્યના અનુ. જન જાતિ / અનુ જાતિ, સામાન્ય વર્ગના નાના/સિમાંત, મહિલા ખેડૂતો માટે કુલ ખર્ચના ૫૦% અથવા રૂ. ૭૫,૦૦૦/- બે માંથી જે ઓછુ હોય તે”अन्य किसानों के लिए सनेडो: क़ीमत का 40%, अधिकतम ₹60,000।
7 साल में एक बार; केवल FMTTI-परीक्षित और आई-खेडूत पर दिखाया गया मॉडल।
“સામાન્ય વર્ગના નાના/સિમાંત, મહિલા ખેડૂતો સિવાયના ખેડૂતો માટે કુલ ખર્ચના ૪૦% અથવા રૂ. ૬૦,૦૦૦/- બેમાંથી જે ઓછું હોય તે.”ट्रैक्टर ट्रॉली: हर वर्ग के किसान को क़ीमत का 20%, अधिकतम ₹30,000।
आपके पास पासिंग वाला ट्रैक्टर होना चाहिए और ट्रॉली का उसी वित्त वर्ष में आरटीओ में पंजीकरण/पासिंग होना चाहिए (पात्रता 6)। 10 साल में एक बार।
“ટ્રેક્ટર ટ્રેલર ખરીદવા માટે રાજ્યના તમામ વર્ગના ખેડૂતોને કુલ ખર્ચના ૨૦ % અથવા રૂ.૩૦,૦૦૦/- બે પૈકી જે ઓછું હોય તે”20 से ऊपर और 60 पीटीओ एचपी तक के ट्रैक्टर की क़ीमत का 25%, अधिकतम ₹1,00,000 — हर खाते पर एक, दस साल में एक बार।
केवल राज्य के आदिजाति विकास विभाग द्वारा तय 14 ज़िलों के 53 तालुकों के अनुसूचित जनजाति किसान। दर सामान्य एजीआर-50 ट्रैक्टर योजना जैसी ही है; यह आदिवासी किसानों के लिए ₹50 करोड़ का अलग बजट है। हर खाते पर केवल एक किसान (परिशिष्ट-1 (4))।
“ટ્રેક્ટર — ૨૦ પી.ટી.ઓ હોર્સ પાવર થી વધુ અને ૬૦ પી.ટી.ઓ હોર્સ પાવર સુધીના મોડેલ માટે ખર્ચના ૨૫% અથવા રૂ. ૧,૦૦,૦૦૦/- ની મર્યાદામાં બે માંથી જે ઓછું હોય તે સરકાર માન્ય મોડેલ. (ખાતા દીઠ વધુમાં વધુ એક માટે)”सूची के उपकरण की क़ीमत का 60%, उस उपकरण की छपी अधिकतम सीमा तक (जैसे 2 एचपी से कम इंजन पावर वीडर पर ₹30,000, 2–5 एचपी पर ₹40,000)।
केवल राज्य के आदिजाति विकास विभाग द्वारा तय 14 ज़िलों के 53 तालुकों के अनुसूचित जनजाति किसान। हर उपकरण दोबारा 5, 7 या 10 साल बाद ही, जैसा छपा है। महिला और दिव्यांग किसानों को प्राथमिकता (परिशिष्ट-1, 14)। समूह और सहकारी संस्थाएँ परिशिष्ट-2 (ब) व 3 के तहत सर्विस प्रोवाइडर यूनिट के लिए ₹50 लाख तक ले सकती हैं।
“પરિશિષ્ટ- ૨ (અ) વ્યક્તિગત ખેડૂતો માટે સહાયના ધોરણો — અનુ. જનજાતિ વર્ગના ખેડૂતો માટે: મહતમ સહાયની રકમ (રૂ.લાખમાં) / સહાયની ટકાવારી (%) ૬૦”किसान ड्रोन की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹5,00,000, जीवन में एक बार।
हर खातेदार किसान, पैक्स, किसान समूह/एफपीसी/एफपीओ, कृषि सहकारी संस्था, सखी मंडल/स्वयं सहायता समूह और कृषि डिप्लोमा/स्नातक उद्यमी ले सकते हैं — पर तभी जब किसान के पास, या संस्था के किसी अधिकृत सदस्य के पास, आरपीटीओ का ड्रोन पायलट लाइसेंस हो (परिशिष्ट-1 (5))। दिव्यांग और महिला किसानों को प्राथमिकता (परिशिष्ट-1 (11))। ड्रोन उड़ाने की कोई अनुमति चाहिए तो वह ख़रीदार को ख़ुद लेनी होगी (परिशिष्ट-1 (16))।
“કિસાન ડ્રોન — ખર્ચના ૫૦ % અથવા રૂ. ૫,૦૦,૦૦૦/- બે પૈકી જે ઓછું હોય તે; ભૌતિક લક્ષ્યાંક: ૫૦૦”मशीन की क़ीमत का 50%, आदेश में उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा तक (जैसे सुपर सीडर पर ₹1,20,000)।
एक किसान को केवल एक मशीन पर सब्सिडी मिलती है; बेलर के लिए चुना गया किसान स्ट्रॉ रेक और रोटरी स्लैशर/श्रब मास्टर भी ले सकता है (धारा 3)। अगर पिछले दो सीज़न में आपके खेत के रिकॉर्ड में पराली जलाने की "रेड एंट्री" है तो आप और आपका पूरा PPP परिवार अपात्र है (धारा 3)। 50% उस दाम का है जो आप सच में चुकाते हैं, एमआरपी का नहीं (धारा 23)।
“The pattern of assistance and Maximum Permissible subsidy for the farmers for purchase of CRM machines on Individual ownership basis is 50% of the cost of machine or Upper limit given in the table whichever is less.”व्यक्तिगत किसान के लिए पराली प्रबंधन मशीन की क़ीमत का 50%, विभाग द्वारा उस मशीन के लिए तय सब्सिडी तक।
विभाग का पोर्टल भी यही दर बताता है: मशीनरी की क़ीमत का 50% या विभाग द्वारा तय सब्सिडी, जो भी कम हो (सीआरएम योजना दिशानिर्देश, दर तालिका पंक्ति 1)।
“To address the challenge of crop residue burning, the Government continues to provide 80 percent subsidy to panchayats and 50 percent subsidy to individual farmers for the purchase of stubble management machinery.”पंजीकृत किसान समूह, सहकारी सभा, पंचायत या एफ़पीओ के लिए मशीनरी की क़ीमत का 80%, विभाग द्वारा तय सब्सिडी तक।
पंचायतों और पंजीकृत किसान समूहों को भी 80% मिलता है (पोर्टल की दर तालिका; पंचायतों के लिए बजट भाषण 2026-27 पैरा 46), पर हमारे कैलकुलेटर में पंचायत या किसान समूह की श्रेणी नहीं है।
“ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਦੀ ਕੀਮਤ ਦਾ 80% ਜਾਂ ਵਿਭਾਗ ਵਲੋਂ ਨਿਰਧਾਰਿਤ ਸਬਸਿਡੀ ਵਿੱਚੋਂ ਜੋ ਘੱਟ ਹੋਵੇ ਮਿਲੇਗੀ ।”ग्राम हायरिंग केंद्र की लागत का 80%, ₹10 लाख तक गिनकर — अधिकतम ₹8,00,000।
भाषण यह नहीं बताता कि केंद्र कौन चला सकता है; केवल महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 30% हिस्सा तय है।
“Village level Agricultural Machinery Custom Hiring Centres will be established at an estimate of Rs.10 lakh each with a subsidy of 80 per cent, subject to a maximum subsidy of Rs.8 lakh.”लागत का 75% (अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाएँ, कृषि अभियांत्रिकी स्नातक) या 50% (बाकी), ₹25 लाख इकाई लागत तक गिनकर।
कृषि अभियांत्रिकी में डिप्लोमा या डिग्री वाले युवाओं को भी 75% मिलता है; हमारा कैलकुलेटर यह नहीं पूछ सकता, इसलिए ऐसा हो तो 75% ख़ुद मानें।
“50 Integrated Agricultural Machinery Hiring Business Centres will be established at a unit cost of Rs.25 lakh each. A subsidy of 75 per cent will be provided to Scheduled Caste, Scheduled Tribe, Women entrepreneurs, youth holding a diploma or degree in Agricultural Engineering and 50 per cent subsidy for other entrepreneurs.”सरकारी ख़र्च पर ड्रोन ऑपरेटर प्रशिक्षण और ड्रोन पायलट लाइसेंस।
“500 eligible persons, including 100 women, will be provided drone operator training and a drone pilot license through the Remote Pilot Training Organization of the Tamil Nadu Agricultural University at State government cost of Rs.1.50 crore.”प्रशिक्षण पूरा कर चुकी महिला को ड्रोन की क़ीमत का 50%।
“Drones will be provided with 50 per cent subsidy to 50 trained women, at an allocation of Rs.2.50 crore from the state fund.”बिजली से चलने वाला चाफ़ कटर 50% सब्सिडी पर।
“the Department distributed 3,701 power-driven chaff cutters to livestock farmers at 50% subsidy during 2025–26, at a total cost of Rs.4.83 crore. … Further, 3,000 beneficiaries will be provided with power driven chaff cutters at a cost of Rs.4.83 crore.”20 PTO HP तक का मिनी ट्रैक्टर: लागत का 25%, ₹3 लाख तक गिनी (अधिकतम ₹75,000)।
दस साल में एक बार। मिनी ट्रैक्टर पर सहायता तभी, जब साथ में मिनी रोटावेटर या मिनी कल्टीवेटर में से कम से कम एक ख़रीदा जाए, और सबका भुगतान उसी साल एक साथ; मिनी ट्रेलर और मिनी पानी टैंकर नए या मौजूदा मिनी ट्रैक्टर के साथ उसी या बाद के साल में। HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“૧) મીની ટ્રેક્ટર (૨૦ PTO HP સુધીમાં) એકમ ખર્ચ - રૂ. ૩.૦૦ લાખ/એકમ • સહાય- મહત્તમ મંજુર થયેલ એકમ ખર્ચ/ખરેખર ખર્ચના ૨૫% અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૭૫ લાખ/એકમ બે માંથી જે ઓછી હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”मिनी रोटावेटर: लागत का 50%, ₹80,000 तक गिनी (अधिकतम ₹40,000)।
दस साल में एक बार। मिनी ट्रैक्टर पर सहायता तभी, जब साथ में मिनी रोटावेटर या मिनी कल्टीवेटर में से कम से कम एक ख़रीदा जाए, और सबका भुगतान उसी साल एक साथ; मिनी ट्रेलर और मिनी पानी टैंकर नए या मौजूदा मिनी ट्रैक्टर के साथ उसी या बाद के साल में। HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“૨) રોટાવેટર (મીની) એકમ ખર્ચ - રૂ. ૦.૮૦ લાખ/એકમ • સહાય- … ખર્ચના ૫૦% અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૪૦ લાખ/એકમ”मिनी कल्टीवेटर: लागत का 50%, ₹20,000 तक गिनी (अधिकतम ₹10,000)।
दस साल में एक बार। मिनी ट्रैक्टर पर सहायता तभी, जब साथ में मिनी रोटावेटर या मिनी कल्टीवेटर में से कम से कम एक ख़रीदा जाए, और सबका भुगतान उसी साल एक साथ; मिनी ट्रेलर और मिनी पानी टैंकर नए या मौजूदा मिनी ट्रैक्टर के साथ उसी या बाद के साल में। HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“૩) કલ્ટીવેટર (મીની) એકમ ખર્ચ - રૂ. ૦.૨૦ લાખ/એકમ • સહાય- … ખર્ચના ૫૦% અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૧૦ લાખ/એકમ”मिनी ट्रेलर: लागत का 50%, ₹80,000 तक गिनी (अधिकतम ₹40,000)।
दस साल में एक बार। मिनी ट्रैक्टर पर सहायता तभी, जब साथ में मिनी रोटावेटर या मिनी कल्टीवेटर में से कम से कम एक ख़रीदा जाए, और सबका भुगतान उसी साल एक साथ; मिनी ट्रेलर और मिनी पानी टैंकर नए या मौजूदा मिनी ट्रैक्टर के साथ उसी या बाद के साल में। HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“૪) ટ્રેલર (મીની) એકમ ખર્ચ - રૂ. ૦.૮૦ લાખ/એકમ • સહાય- … ખર્ચના ૫૦% અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૪૦ લાખ/એકમ”मिनी पानी टैंकर: लागत का 50%, ₹80,000 तक गिनी (अधिकतम ₹40,000)।
दस साल में एक बार। मिनी ट्रैक्टर पर सहायता तभी, जब साथ में मिनी रोटावेटर या मिनी कल्टीवेटर में से कम से कम एक ख़रीदा जाए, और सबका भुगतान उसी साल एक साथ; मिनी ट्रेलर और मिनी पानी टैंकर नए या मौजूदा मिनी ट्रैक्टर के साथ उसी या बाद के साल में। HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“૫) પાણીનું ટેન્કર (મીની) એકમ ખર્ચ - રૂ. ૦.૮૦ લાખ/એકમ • સહાય - … ખર્ચના ૫૦% અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૪૦ લાખ/એકમ”5 HP तक का चाफ़-कटर: ख़रीद क़ीमत का 75%, अधिकतम ₹18,000 — पाँच साल में एक बार।
11 जून 2026 के तीन संकल्प यही दरें छापते हैं: सामान्य जाति के किसानों के लिए (पत्र ACD/0237/05/2026), अनुसूचित जाति के लिए (ACD/0242/05/2026) और आदिवासी क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए (ACD/0243/05/2026); जो आप पर लागू हो, उसमें आवेदन करें।
“(અ) ૫ એચ.પી. સુધી. ખરીદ કિંમતના ૭૫% અથવા રૂા.૧૮,૦૦૦/- બે માંથી જે ઓછુ હોય તે”5 HP से ऊपर का चाफ़-कटर: ख़रीद क़ीमत का 75%, अधिकतम ₹42,000 — दस साल में एक बार।
11 जून 2026 के तीन संकल्प यही दरें छापते हैं: सामान्य जाति के किसानों के लिए (पत्र ACD/0237/05/2026), अनुसूचित जाति के लिए (ACD/0242/05/2026) और आदिवासी क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए (ACD/0243/05/2026); जो आप पर लागू हो, उसमें आवेदन करें।
“(બ) ૫ એચ.પી થી વધુ. ખરીદ કિંમતના ૭૫% અથવા વધુમાં વધુ રૂ. ૪૨,૦૦૦/- બે માંથી જે ઓછુ હોય તે”कटाई के औज़ार: लागत का 50%, ₹2,00,000 तक गिनी जाती है — अधिकतम ₹1,00,000, पाँच साल में एक बार।
“યુનિટ કોસ્ટ :- રૂ. ૨.૦૦ લાખ • અનુ જન જાતિના ખેડૂત ને ખર્ચના ૫૦% કે રૂ. ૧,૦૦,૦૦૦/- બે માંથી જે ઓછું હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”एफ़पीओ, एफ़आईजी, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्थाओं के लिए कटाई के औज़ार: लागत का 75% — अधिकतम ₹1,50,000, पाँच साल में एक बार।
“FPO/FPC/FIG/SHG/ સહકારી સંસ્થાને ૭૫ % કે રૂ.૧,૫૦,૦૦૦/- બે માંથી જે ઓછું હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”किसी भी आदिवासी किसान के लिए मिनी ट्रैक्टर (20 PTO HP तक): ₹3,00,000 तक का 50% — अधिकतम ₹1,25,000, दस साल में एक बार, मिनी रोटावेटर या कल्टीवेटर के साथ।
“એકમ ખર્ચ - રૂ. ૩.૦૦ લાખ/એકમ • સહાય- મહત્તમ મંજુર થયેલ એકમ ખર્ચ/ખરેખર ખર્ચના ૫૦% અથવા મહત્તમ રૂ. ૧.૨૫ લાખ/એકમ બે માંથી જે ઓછી હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”मिनी रोटावेटर: ₹80,000 तक का 75% — अधिकतम ₹60,000।
“એકમ ખર્ચ - રૂ. ૦.૮૦ લાખ/એકમ • સહાય- … ૭૫% અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૬૦ લાખ/એકમ”मिनी कल्टीवेटर: ₹20,000 तक का 75% — अधिकतम ₹15,000।
“એકમ ખર્ચ - રૂ. ૦.૨૦ લાખ/એકમ • સહાય- … ૭૫% અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૧૫ લાખ/એકમ”मिनी ट्रेलर: ₹80,000 तक का 75% — अधिकतम ₹60,000।
“એકમ ખર્ચ - રૂ. ૦.૮૦ લાખ/એકમ • સહાય- … ૭૫% અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૬૦ લાખ/એકમ”मिनी पानी टैंकर: ₹80,000 तक का 75% — अधिकतम ₹60,000।
“એકમ ખર્ચ - રૂ. ૦.૮૦ લાખ/એકમ • સહાય - … ૭૫% અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૬૦ લાખ/એકમ”